
फोर्ब्स फाउंडेशन
फोर्ब्स फाउंडेशन द्वारा समर्थित क्षमता वर्धन (कैपेसिटी बिल्डिंग) पर आधारित सात लेखों की यह श्रृंखला ज़मीनी संस्थाओं के काम के असर को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी बातों पर ध्यान देती है। इसका उद्देश्य संस्थाओं और उनसे जुड़े लोगों को ऐसी आसान और उपयोगी जानकारी देना है, जिससे वे अपने नेतृत्व, अंदरूनी व्यवस्थाओं, काम करने के तरीकों और संसाधनों को बेहतर बना सकें।
लेख
ईकोसिस्टम डेवलपमेंट फंडर की भाषा समझना चाहते हैं? इन 10 शब्दों से शुरुआत करें
फंडर द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली कई बार ऐसी होती है, जिसे समझने के लिए सिर्फ अंग्रेज़ी जानना ही काफी नहीं होता। इन शब्दों का सही अर्थ और अलग-अलग संदर्भों में इनका इस्तेमाल समझना भी ज़रूरी होता है।ईकोसिस्टम डेवलपमेंट ज़मीनी संस्थाएं फंडर से कैपेसिटी बिल्डिंग और संस्थागत विकास पर बातचीत कैसे करें?
क्षमता निर्माण और संगठनात्मक विकास को अक्सर परियोजनाओं से अलग ज़रूरत माना जाता है, जबकि यही किसी संस्था के दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव की बुनियाद हैं। दानदाताओं के साथ संवाद और नेगोशिएशन की रणनीति इस सोच को बदलने में अहम भूमिका निभा सकती है।कैपेसिटी बिल्डिंग ज़मीनी संस्थाएं अपनी हायरिंग प्रक्रिया को कैसे बेहतर बना सकती हैं?
अक्सर जमीनी और गैर-लाभकारी संगठनों के लिए सही लोगों का चयन करना चुनौतीपूर्ण होता है। यह लेख विभिन्न संस्थाओं के अनुभवों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया और बेहतर टीम निर्माण से जुड़ी अहम सीख साझा करता है।विकास सेक्टर में नेतृत्व परिवर्तन: कब, क्यों और कैसे?
सामाजिक संस्थाओं में नेतृत्व परिवर्तन एक सतत प्रक्रिया है। यह प्रकिया व्यक्ति और संस्था, दोनों के बीच आकार लेती है। नेतृत्व की पहचान के लिए संस्था को बहुत धैर्य और खुले विचारों के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है।



