हल्का-फुल्का

फील्ड में एक बार: जब डेटा हर जगह था, प्राइवेसी कहीं नहीं! 

क्लासरूम से वॉशरूम तक, टाइम यूज स्टडी में रिसर्चर की डायरी में हर गतिविधि की एंट्री होती है, उसमें खर्च हुए वक्त के साथ।
एक शिक्षक शौचालय में जाते हुए_फील्ड रिसर्च

1. दिन की शुरूआत हुई कक्षा में पढ़ाने से और ये दर्ज हुआ।

एक कक्षा में शिक्षक छात्रों को पढ़ाते हुए और सर्वेयर नोट्स लेते हुए_फील्ड रिसर्च


2. रोजाना के कई और काम हुए, ये भी लिखा गया।

दो अलग अलग तस्वीरें यह दिखाती हैं कि शिक्षक छात्रों को कितनी देर पीटी करवाते हैं और कितनी देर चाय पीते हैं_फील्ड रिसर्च


3. लेकिन, उस दिन शिक्षक बार-बार एक अलग गतिविधि भी कर रहे थे…

शिक्षक शौचालय जाते हुए और सर्वेयर नोट्स लेते हुए_फील्ड रिसर्च

चित्र साभार: सुगम ठाकुर

लेखक के बारे में

  • इंद्रेश शर्मा आईडीआर हिंदी में पार्टनरशिप और आउटरीच हेड हैं। वे संगठन की पहुंच बढ़ाने और असरदार साझेदारी बनाने के लिए विकास सेक्टर से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ मिलकर काम करते हैं। इन्द्रेश संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ जमीनी संगठनों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग से जुड़े लेखन में भी सक्रिय रूप से योगदान देते हैं। उनके पास विकास सेक्टर में 13 वर्षों से अधिक का पेशेवर अनुभव है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे क्षेत्रों में काम किया है। इससे पहले वे सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च संस्था से जुड़े थे, जहां वे रिसर्च, कार्यक्रम निर्माण और प्रशिक्षण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
  • अंजलि मिश्रा, आईडीआर में हिंदी संपादक हैं। इससे पहले वे आठ सालों तक सत्याग्रह के साथ असिस्टेंट एडिटर की भूमिका में काम कर चुकी हैं। उन्होंने टेलीविजन उद्योग में नॉन-फिक्शन लेखक के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। बतौर पत्रकार अंजलि का काम समाज, संस्कृति, स्वास्थ्य और लैंगिक मुद्दों पर केंद्रित रहा है। उन्होंने गणित में स्नातकोत्तर किया है।