कृषि
छोटे समूह, बड़ी संभावनाएं: सीमांत किसानों की नयी दिशा
सामूहिक खेती से किसान कम जमीन मिलाकर खेती कर सकते हैं, उपज बढ़ा सकते हैं और गुजर-बसर की खेती से आगे बढ़ सकते हैं।क्या कृषि और जल संकटों का हल ग्राम स्वराज में मिल सकता है?
ग्राम स्वराज का सिद्धांत, गांवों को राजनीतिक स्वायत्तता देने के साथ-साथ जल संरक्षण, कृषि विकास और किसान कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।पंचायती राज संस्थान जल सुरक्षा को तेजी से सुनिश्चित कर सकते हैं
जल प्रबंधन के स्थायी समाधानों की योजना बनाने और उन्हें सबसे उपयुक्त तरीके से ज़मीन पर लागू करने में स्थानीय सरकारें सबसे कारगर हो सकती हैं।जलवायु संकट से निपटने के वे उपाय कौन से हैं, जो सीमांत किसान सुझाते हैं
ब्रिजस्पैन की एक रिपोर्ट जो बताती है कि कैसे देश के सीमांत किसान जिनमें मुख्यरूप से आदिवासी, दलित और महिला किसान शामिल हैं, जलवायु संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।सूखे फूलों से सफलता की खुशबू बिखेरती नागालैंड की महिला उद्यमी
फूलों को सुखाने की परंपरा जो एक जरूरत के तौर पर शुरू हुई थी, कई महिलाओं के लिए आजीविका का विकल्प बन गई है।फूलों का गांव: महाराष्ट्र का एक गांव जो गन्ना छोड़कर गेंदा उगाता है
सतारा, महाराष्ट्र के निकमवाड़ी गांव में जहां तक नजर जाए, वहां तक फूलों के रंगबिरंगे खेत फैले दिखते हैं।फोटो निबंध: मिलेट क्रांति की राह में क्या बाधाएं हैं?
मज़बूत लग रही सरकारी नीतियों के बावजूद, किसानों के पास मोटे अनाजों को उगाने, प्रोसेसिंग करने और उन्हें संग्रहित करने के लिए ज़रूरी सुविधाएं और समर्थन नहीं हैं।