नकदी फसलें
फोटो निबंध: मुनाफे के वादे और जोखिमों के बीच फूलों के किसान
लखनऊ के मलिहाबाद और काकोरी क्षेत्र में पारंपरिक रूप से फूलों की खेती करने वाले छोटे और सीमांत किसान आज भी मौसम, बाज़ार और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। त्योहारों में फसलों के ऊंचे दाम मिलने के बावजूद सालभर अनिश्चितता बनी रहती है।मिठास के पीछे का कड़वा सच: मराठवाड़ा के गन्ना मज़दूरों की कहानी
मराठवाड़ा एक सूखा-प्रभावित इलाका है जहां खेती भरोसेमंद नहीं है। सन 1950 के आस-पास अहमदनगर में पहली शुगर फैक्ट्री बनी थी और वहीं से एक नई मज़दूरी की कहानी शुरू हुई।कश्मीर घाटी से क्यों गुम हो रहे हैं पारंपरिक धान के खेत और उनकी खुशबू?
परंपरागत रूप से चावल की खेती करने वाले किसान, सेब की बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं। खेती की जमीनों पर बनते रिहाइशी और गैर-रिहाइशी इलाके भी धान के रकबे को घटा रहे हैं।