कश्मीर घाटी से क्यों गुम हो रहे हैं पारंपरिक धान के खेत और उनकी खुशबू? परंपरागत रूप से चावल की खेती करने वाले किसान, सेब की बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं। खेती की जमीनों पर बनते रिहाइशी और गैर-रिहाइशी इलाके भी धान के रकबे को घटा रहे हैं। वाहिद भट 8 मिनट लंबा लेख