नंजया प्रधान ने कभी रोज़गार की तलाश में केरल की एक बर्फ फैक्ट्री में काम करने के लिए अपने गांव से पलायन किया था। बाद में वह अपने गांव दानेकबाड़ी, ओडिशा लौट आए और ग्राम पंचायत के सरपंच बने। प्रवासी मजदूर के रूप में अपने अनुभव से प्रेरित होकर, उन्होंने दिसंबर 2025 में व्हाट्सऐप आधारित पंजीकरण की शुरुआत की। इसमें उनके गांव से पलायन करने वाले लोगों की जानकारी दर्ज की जाती है—वे कहां जा रहे हैं, किसके लिए काम कर रहे हैं और आपात स्थिति में उनसे जुड़ने के लिए किससे संपर्क किया जा सकता है।
इस वीडियो में नंजया बता रहे हैं कि यह व्यवस्था कैसे काम करती है, लोगों को इसके लिए मनाने में उन्हें किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, और कैसे इस पंजीकरण की वजह से केरल में एक प्रवासी मजदूर की मृत्यु के बाद उसके शव को घर वापस लाया जा सका।
नंजया प्रधान ओडिशा के कंधमाल जिले के दरिंगबाड़ी ब्लॉक में स्थित दानेकबाड़ी ग्राम पंचायत के सरपंच हैं।
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लेखक के बारे में
- नंजया प्रधान ओडिशा के कंधमाल जिले के दरिंगबाड़ी ब्लॉक में स्थित दानेकबाड़ी ग्राम पंचायत के सरपंच हैं। सरपंच के तौर पर उन्होंने ग्राम विकास और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं समेत अन्य अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सुरक्षित प्रवास के तौर-तरीकों पर ज़मीनी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए हैं।
