युवा
“आपका सबसे बड़ा दुश्मन आपका डर है”
सिविल सोसाइटी में काम करना कभी आसान नहीं रहा। लेकिन हम सबको खुद से यह सवाल पूछना होगा कि आखिर हम किसके पक्ष में खड़े हैं?ज़ुल्मतों के दौर में सोशल सेक्टर की चुप्पी
सिविल सोसाइटी की पहचान सिर्फ़ उसके काम से नहीं, बल्कि इस बात से बनती है कि वह मुश्किल समय में किसके साथ खड़ी होती है।भारतीय परिवारों के परम ब्रह्मास्त्र
भारतीय परिवारों की सबसे बड़ी सुपरपावर क्या है? हमारी भावनाओं से ऐसे खेलना कि सारे तीर तरकश में ही धरे रह जाएं। तो आइए, इस बार मिलते हैं कुछ ऐसे ही जज़्बाती हथियारों से।शिक्षा से रोज़गार तक: युवा श्रम बल पर एपीयू रिपोर्ट के 6 मुख्य बिंदु
सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं के लिए यह रिपोर्ट विशेष रूप से उपयोगी है, क्योंकि यह युवाओं, शिक्षा व रोज़गार को व्यापक संदर्भ में प्रस्तुत करती है। नीतिगत समझ बेहतर बनाने के साथ-साथ यह हस्तक्षेप की दिशा तय करने में भी सहायक है।क्यों विकास सेक्टर को गेम्स की अन्य भूमिकाओं पर विचार करना चाहिए
विकास सेक्टर खेल के अलग-अलग स्वरूपों को सोच-विचार और सीखने के नए माध्यमों के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है।जुगनू: रेड लाइट एरिया में पली पीढ़ी की निराली मैगजीन
मुजफ्फरपुर, बिहार में चार पन्नों से शुरू हुआ 'जुगनू' अखबार आज 36 पेज की एक मैगजीन बन गया है और अब यहां के युवाओं को एक नई पहचान दे रहा है।अगली पीढ़ी के लिए कठिन वर्तमान और अनिश्चित भविष्य की वजह बनता जलवायु संकट
जानिए क्यों बच्चों की सुरक्षा और बेहतरी भी जलवायु संकट से जुड़ी चर्चाओं का विषय बननी चाहिए।त्रिपुरा का मैतेई समुदाय अपने परंपरागत वाद्य को कैसे बचा सकता है?
त्रिपुरा में मैतेई त्योहारों का अभिन्न अंग रहा, पारंपरिक वाद्य पेना अब कई तरह की चुनौतियों के चलते विलुप्त होने की कगार पर खड़ा है।