हम कर्नाटक के दावणगेरे में नेरालु बीड़ी मज़दूर संघ की सदस्य हैं। वर्ष 2014 से हमारा संघ बीड़ी उद्योग में असंगठित श्रमिकों के तौर पर काम करने वाली 1400 से ज़्यादा महिलाओं को संगठित कर चुका है। इस दौरान हमने अपनी साथी मज़दूरों के लिए कई बड़ी लड़ाईयां लड़ी और जीती हैं। इनमें सालों से लंबित वेतन वृद्धि सुनिश्चित करना और ठेकेदारों द्वारा तंबाकू पासबुकों पर किए जाने वाले नियंत्रण और हेरफेर को खत्म करना शामिल है।
समय के साथ, बीड़ी कंपनियों के शोषण के खिलाफ शुरू हुआ हमारा संघर्ष एक ऐसे सामूहिक मंच में बदल गया, जहां महिलाएं न केवल अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाती हैं, बल्कि एक-दूसरे का सहारा भी बनती हैं।
हमारे इलाके के ज़्यादातर परिवार मुस्लिम और दलित समुदायों से ताल्लुक़ रखते हैं। इसलिए हमारा काम केवल बीड़ी उद्योग से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है। हमारा संघ सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय से जुड़े सवालों पर भी सक्रिय रहा है। हमने स्थानीय सरकारी अस्पतालों में सम्मानजनक मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने, महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने और उनके बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराने जैसे मुद्दों पर भी काम किया है।
हमारे समुदाय के लोगों के लिए अक्सर औपचारिक बैंकिंग सेवाएं आसानी से उपलब्ध नहीं होती। इसी वजह से हमने महिलाओं द्वारा संचालित अपना एक सहकारी बैंक भी शुरू किया है, ताकि यूनियन सदस्य अपने परिवार की ज़रूरतों के लिए कर्ज़ ले सकें।
दावणगेरे में लगभग 10,000 औरतें बीड़ी बनाने का काम करती हैं। आने वाले वर्षों में हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को संगठित करना और शोषणकारी प्रथाओं के खिलाफ अपनी लड़ाई को और मजबूत बनाना है।
यह वीडियो हमारे जीवन की एक झलक है। इसके माध्यम से बीड़ी उद्योग में असंगठित मज़दूरों के अधिकारों के लिए जारी हमारे संघर्ष को समझिए।
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लेखक के बारे में
- नगीना बानू कर्नाटक के दावणगेरे स्थित नेरालु बीड़ी मज़दूर संघ की कार्यकारी समिति की सदस्य हैं। वह मेहनत मुस्लिम महिला अल्पसंख्यक सौहार्द सहकारी नियमिता (एक सहकारी बैंक) की सदस्य-अध्यक्ष भी हैं। नगीना पिछले एक दशक से अधिक समय से अपने क्षेत्र में बीड़ी उद्योग में असंगठित रूप से काम करने वाली महिलाओं को संगठित कर रही हैं, ताकि वे बेहतर मज़दूरी और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों की मांग कर सकें। मज़दूर संघ के साथ अपने काम के तहत उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सरकारी योजनाओं को सुलभ बनाने के मुद्दों पर भी व्यापक रूप से काम किया है, ताकि उनके समुदाय के लोगों को अपने अधिकारों और सेवाओं का लाभ मिल सके।
- शकीला बानू कर्नाटक के दावणगेरे स्थित नेरालु बीड़ी मज़दूर संघ की कार्यकारी समिति की सदस्य हैं। शकीला पिछले चार सालों से अपने क्षेत्र में बीड़ी उद्योग में असंगठित रूप से काम करने वाली महिलाओं को संगठित कर रही हैं, ताकि वे बेहतर मज़दूरी और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों की मांग कर सकें। मज़दूर संघ के साथ अपने काम के तहत उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सरकारी योजनाओं को सुलभ बनाने के मुद्दों पर भी व्यापक रूप से काम किया है, ताकि उनके समुदाय के लोगों को अपने अधिकारों और सेवाओं का लाभ मिल सके।

