
शोभा शमी
शोभा शमी आईडीआर में सीनियर एसोसिएट- डिजिटल हैं। पिछले 14 वर्षों से वे हिंदी डिजिटल मीडिया की दुनिया में ऐसी कहानियों को आवाज़ देने की कोशिश कर रही हैं, जो अक्सर किनारे पर ही छूट जाती हैं। आईडीआर में आने से पहले शोभा दैनिक भास्कर, अमर उजाला, नेटवर्क-18, डॉयचे वेले (डीडब्ल्यू), स्कूपव्हूप और एशियाविले न्यूज़ जैसे मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया (पारी) के लिए अनुवाद का काम भी किया।
हाशिए पर खड़े लोगों की कहानियां शोभा के दिल के सबसे करीब हैं। वे उन सवालों की तरफ़ बार-बार लौटती हैं, जो जाति, जेंडर, सेक्सुअलिटी और समाज की परतों में छिपे होते हैं।
शोभा शमी के लेख
हल्का-फुल्का इस 15 अगस्त सोशल सेक्टर मांगे… आज़ादी
आज़ादी सिर्फ सत्ता से नहीं, कभी-कभी अपनी बनाई व्यवस्थाओं से भी चाहिए होती है। सोशल सेक्टर में भी कुछ ऐसे तौर-तरीके हैं, जो धीरे-धीरे टूल से तख्त बन बैठे हैं।
