साहिबान मेहरबान कदरदान… पोषण माह पधार चुका है। यानी साल भर पोषण पर काम किया हो या नहीं, इस पूरे महीने ऐसा ज़रूर लगना चाहिए कि पोषण के बिना आपकी संस्था का एक दिन भी नहीं गुज़रता!

लेखक के बारे में
- राकेश स्वामी आईडीआर में सह-संपादकीय भूमिका मे हैं। वह राजस्थान से जुड़े लेखन सामग्री पर जोर देते हैं। राकेश के पास राजस्थान सरकार के नेतृत्व मे समुदाय के साथ कार्य करने का एवं अकाउंटेबलिटी इनिशिएटिव, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च मे लेखन एवं क्षमता निर्माण का भी अनुभव है। राकेश ने आरटीयू यूनिवर्सिटी, कोटा से सिविल अभियांत्रिकी में स्नातक किया है।
- शोभा शमी आईडीआर में सीनियर एसोसिएट- डिजिटल हैं। पिछले 14 वर्षों से वे हिंदी डिजिटल मीडिया की दुनिया में ऐसी कहानियों को आवाज़ देने की कोशिश कर रही हैं, जो अक्सर किनारे पर ही छूट जाती हैं। आईडीआर में आने से पहले शोभा दैनिक भास्कर, अमर उजाला, नेटवर्क-18, डॉयचे वेले (डीडब्ल्यू), स्कूपव्हूप और एशियाविले न्यूज़ जैसे मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया (पारी) के लिए अनुवाद का काम भी किया। हाशिए पर खड़े लोगों की कहानियां शोभा के दिल के सबसे करीब हैं। वे उन सवालों की तरफ़ बार-बार लौटती हैं, जो जाति, जेंडर, सेक्सुअलिटी और समाज की परतों में छिपे होते हैं।