कड़े श्रम कानून कैसे बनते हैं प्रगति में बाधा?
पुलियाबाजी के इस पॉडकास्ट में जानिए कि श्रम कानूनों में आए बदलाव कौन से जरूरी सवाल उठाते हैं, जिनके जवाब तलाशा जाना महत्वपूर्ण है।
4 मार्च 2026 को प्रकाशित
पुलियाबाज़ी के इस पॉडकास्ट में श्रम कानूनों में आए नए बदलावों पर चर्चा की गयी है। भारत में फैक्ट्री मजदूरों को किस तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ता है? ये अन्य देशों की तुलना में कैसी हैं? इनसे भारत में फैक्टरियों के काम-काज पर क्या असर पड़ता है? इस तरह के तमाम सवालों पर इस चर्चा में प्रोस्पेरिटी की सह संस्थापक भुवना आनंद और उनके सहयोगी प्रांजल चंद्र बात कर रहे हैं।
यह पॉडकास्ट मूलरूप से पुलियाबाज़ी पर प्रकाशित हुआ था।
लेखक के बारे में
- पुलियाबाज़ी राजनीति, सार्वजनिक नीति, तकनीक, दर्शन और लगभग हर दिलचस्प विषय पर चर्चा करने वाला एक लोकप्रिय हिंदी पॉडकास्ट है। इसे टेक-आंत्रप्रेन्योर सौरभ चंद्रा, पब्लिक पॉलिसी रिसर्चर प्रणय कोटस्थाने और लेखिका-कार्टूनिस्ट ख्याति पाठक प्रस्तुत करते हैं।