मतदान
एसआईआर में अपना नाम जुड़वाना इतना मुश्किल क्यों है?
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान पात्र नागरिकों को भी अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पुराने रिकॉर्ड, दस्तावेज़ों की कमी, जटिल प्रक्रियाओं और सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने के चलते लोगों का समय, पैसा और मतदान के अधिकार तक उनकी पहुंच प्रभावित हो रही है।क्या ‘एक देश एक चुनाव’ सचमुच अनेक समस्याओं का हल बन सकता है?
हिंदी पॉडकास्ट पुलियाबाज़ी में सुनें कि सरकार जिस ‘एक देश एक चुनाव’ नीति को लेकर इतनी गंभीरता दिखा रही है, उसका आम चुनावों और लोकतंत्र पर कैसा असर देखने को मिल सकता है।समझदार वोटर को पता है कि नेताओं से कब काम करवाना है
राजनीतिक पार्टियों के बदलते रंग-ढंग देखकर अब वोटर ज़्यादा समझदार होते जा रहे हैं।