लैंगिक विषय

भारतीय महिलाओं की श्रमबल में हिस्सेदारी इतनी कम क्यों?

महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी आज भी चुनौती है। जानिए, आज के एपिसोड में।

आज पुलियाबाज़ी पर एक नया फॉर्मेट आज़माने की कोशिश की है। सौरभ ने इसे नाम दिया है जुगनी। जुगनी की तरह मन मुताबिक हम किसी एक विषय को टटोलेंगे। चर्चा के बदले किसी एक विषय की क्लास लगेगी। प्रणय ने इसे नाम दिया है पुलियाबाज़ी प्रवचन। श्रोता लोग भी कुछ नाम सुझा सकते हैं। पसंद आएगा तो लॉक कर देंगे। ये नया फॉर्मेट आप को पसंद आया की नहीं ये भी बताइये। भविष्य में चर्चा तो जारी रहेगी ही, बीच बीच में कुछ क्लास भी लग जाये तो कैसा रहेगा? अपने सुझाव भेजिए और लाइक, शेयर और सब्सक्राइब तो करना है ही।

यह पॉडकास्ट मूल रूप से पुलियाबाज़ी पर प्रकाशित हुआ था।

लेखक के बारे में

  • पुलियाबाज़ी राजनीति, सार्वजनिक नीति, तकनीक, दर्शन और लगभग हर दिलचस्प विषय पर चर्चा करने वाला एक लोकप्रिय हिंदी पॉडकास्ट है। इसे टेक-आंत्रप्रेन्योर सौरभ चंद्रा, पब्लिक पॉलिसी रिसर्चर प्रणय कोटस्थाने और लेखिका-कार्टूनिस्ट ख्याति पाठक प्रस्तुत करते हैं।