विकास सेक्टर में तमाम प्रक्रियाओं और घटनाओं को बताने के लिए एक ख़ास तरह की शब्दावली का इस्तेमाल किया जाता है। आपने ऐसे कुछ शब्दों और उनके इस्तेमाल को लेकर असमंजस का सामना भी किया होगा। इसी असमंजस को दूर करने के लिए हम एक ऑडियो सीरीज़ ‘सरल–कोश’ लेकर आए हैं, जिसमें हम आपके इस्तेमाल में आने वाले कुछ महत्वपूर्ण शब्दों पर बात करने वाले हैं।
सरल-कोश में इस बार का शब्द है – पोषण। अंग्रेज़ी में न्यूट्रीशन।
विकास सेक्टर में काम करते हुए आपने तमाम संस्थाओं को पोषण से जुड़े प्रयास करते हुए देखा होगा। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकारें भी पोषण से जुड़ी तमाम तरह की योजनाएं चलाती हैं। कुछ सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो हालिया राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे बताता है कि भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में 35.5% अविकसित, 19.3% कमजोर और 32.1% कम वजन के हैं। इसकी प्रमुख वजह उन्हें सही पोषण ना मिलना है। इससे साफ़ हो जाता है कि पोषण पर बात और काम किए जाने की कितनी ज़रूरत है। सरल कोश के इस अंक में जानते हैं, पोषण क्या है?
विकास सेक्टर में पोषण से जुड़े प्रयासों पर ज़ोर देना न केवल स्वास्थ्य के लिहाज़ से ज़रूरी है बल्कि शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण है। कुछ उदाहरणों से समझें तो कुपोषण बच्चों की मानसिक क्षमताओं के विकास पर असर डालता है या उनके लिए नियमित रूप से स्कूल जाना मुश्किल बनाता है। इसी तरह से, यह लोगों की कार्यक्षमता को को सीमित कर उनके लिए रोज़गार के मौक़े कम कर सकता है। इसके अलावा, कुछ सामाजिक तबकों में कुपोषित लोगों के साथ भेदभाव भी देखने को मिलता है।
अगर आप इस सीरीज़ में किसी अन्य शब्द को और सरलता से समझना चाहते हैं तो हमें यूट्यूब के कॉमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं।
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अधिक जानें
- जानिए सामाजिक जवाबदेही के क्या मायने हैं
- राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के मुताबिक देश में पोषण की स्थिति क्या है?
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