नारीवाद
आईडीआर इंटरव्यूज़ | ए रेवती
ट्रांस महिला के रूप में अपनी पहचान अपनाने से लेकर जमातों तक—ए. रेवती बता रही हैं कि उन्होंने समुदाय को एकजुट करना और थिएटर व लेखन के ज़रिए अपने दिल की बात कहना कैसे सीखा।नारीवादी नैतिकता और हालिया कानूनी नजरिए में क्या और कितना अंतर है?
नारीवादी नजरिया कहता है आरोपी, पीड़ित और समाज तीनों के लिए न्याय की भावना बनी रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए सिस्टम और व्यक्ति को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।