जंगल के बीच पुस्तकालय चलाने वाले लाइब्रेरियन की कहानी क़रीब 2,000 कालजयी साहित्यिक रचनाओं वाली इस लाइब्रेरी से ग़रीब मुतुवन आदिवासी नियमित तौर पर किताबें ले जाते हैं, पढ़ते हैं, और वापस कर जाते हैं। पी. साईनाथ/ पारी 5 मिनट लंबा लेख