
लक्ष्मी रघुपति
लक्ष्मी रघुपति ने पर्यावरण और वन मंत्रालय में 20 वर्षों तक निदेशक के रूप में कार्य किया है। उनके शैक्षणिक कार्यों में शोध, प्रस्तुति और अकादमिक तथा नीतिगत विषयों पर आधारित शोध-पत्रों का संचार शामिल है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संगठनों तथा उद्योग संघों के साथ सलाहकार और परामर्शदाता के रूप में काम किया है। वह विभिन्न परियोजनाओं में रीसोर्स पर्सन भी रही हैं और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं के संपादकीय बोर्ड का हिस्सा हैं।
लक्ष्मी रघुपति के लेख
पर्यावरण ग्रामीण भारत में प्लास्टिक कचरे का हिसाब करना क्यों जरूरी है?
ग्रामीण भारत में हर साल लाखों टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है, जिसका आकलन नहीं होता। ऐसे में ग्रामीण स्तर के आंकड़ों को जोड़कर एक सर्कुलर इकॉनमी की नींव रखी जा सकती है।
