एक थाली में अगरबत्ती जल रही है-रीति रिवाज़
पारंपरिक प्रथाओं और रीति-रिवाजों को अक्सर आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान और बायोमेडिकल सुझावों से उलट अंधविश्वास की तरह देखा जाता है, लेकिन ऐसा करना सही नहीं।
एक औरत और एक आदमी के हाथों में पैसे-फंडरेजिंग एनजीओ

समाजसेवी संगठन खुदरा फंडरेज़िंग की शुरूआत कैसे कर सकते हैं?
रिटेल फंडरेज़िंग से न केवल सीएसआर और एचएनआई फ़ंडिंग पर स्वयंसेवी संस्थाओं की निर्भरता कम होती है बल्कि दानदाताओं का एक समुदाय बनाने में भी मदद मिलती है।
साड़ी पहने तीन महिलाएं मुस्कुरा रही हैं और एक दूसरे से बात कर रही हैं-NGO

भारत और अफ़्रीका में कैसे समाजसेवी संगठन समुदाय संचालित परिवर्तन को बढ़ावा दे रहे हैं
वैश्विक समाजसेवी संस्था, ब्रिजस्पैन द्वारा जारी एक रिपोर्ट का सारांश जिसमें समुदाय संचालित परिवर्तन (कम्युनिटी ड्रिवेन चेंज) के कुछ सफल उदाहरणों पर बात की गई है।
मशीन पर लटकी लाल जैकेट-बुजुर्ग कार्यकर्ता

मनरेगा में हर साल बुज़ुर्ग कार्यबल का बढ़ना अनौपचारिक क्षेत्र की ख़राब रोज़गार नीतियों का संकेत है
भारत के कार्यबल की उम्र बढ़ने के साथ अनौपचारिक क्षेत्र की नीतियों में सुधार की जरूरत भी बढ़ रही है। बुज़ुर्ग श्रमिकों को बेरोजगारी से बचाने के लिए वित्तीय सुरक्षा उपाय अपनाए जाने चाहिए।
सुजय पान | 7 मिनट लंबा लेख
बस में बैठी एक बूढ़ी औरत-मानसिक अस्पताल

क्या बिहार का बिमहास मानसिक अस्पतालों को लेकर आम नज़रिए को बदल सकता है?
बिहार सरकार द्वारा स्थापित बिमहास, उत्तर भारत में सार्वजनिक मानसिक स्वास्थ्य का केंद्र बन सकता है। इसके लिए मनोसामाजिक विकलांगता को लेकर जागरुकता अभियान और सहयोग की भी जरूरत होगी।
भवेश झा | 6 मिनट लंबा लेख
Ipad पर वार्षिक रिपोर्ट के बारे में कुछ टेक्स्ट_सामाजिक क्षेत्र

सोशल सेक्टर के लिए बढ़िया प्रशासन क्यों ज़रूरी है?
बढ़िया प्रशासन का मतलब केवल नियमों का पालन नहीं होता बल्कि अपने हितधारकों और सहभागियों का भरोसा हासिल करना भी होता है, इसके लिए संगठन इन पांच बातों का ध्यान रख सकते हैं।
संध्या राव | 5 मिनट लंबा लेख

ज़मीनी कहानियाँ


मेरा एक दिन


ऑस्कर फाउंडेशन में फुटबॉल खेलती दो लड़कियां_लैंगिक भेदभाव

एक खिलाड़ी जो लैंगिक भेदभाव के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई फुटबॉल के मैदान पर लड़ती है
मुंबई की 19 वर्षीय फुटबॉल कोच, नेत्रावती अपने समुदाय में लैंगिक मानदंडों पर जागरूकता फैलाने के लिए खेल का इस्तेमाल करती है और लड़कियों को खेलने के लिए प्रोत्साहित करती है।
नेविश बच्चों को पढ़ा रहा है, सामाजिक कार्य_लिंग संवेदनशीलता
“जो आपके रास्ते में है वही आपका रास्ता है”
गोरखपुर के एक गैर-बाइनरी कार्यकर्ता के जीवन का दिन जो छोटे बच्चों को लिंग संवेदनशीलता के बारे में सिखाता है और शहर में पर्यावरण जागरूकता और शिक्षा पर काम करता है।
एक आदमी बाजार में तख्ती लिए खड़ा है, जबकि दो अन्य लोग अपने मोबाइल पर उसकी तस्वीरें खींच रहे हैं-कचरा प्रबंधन
लेह का एक इन्वायरमेंटलिस्ट अपने गांव के लोगों को कचरा प्रबंधन के तरीक़े सिखाता है
अर्थशास्त्र में बीए करने वाले इन्वायरमेंटलिस्ट के जीवन का एक दिन जो अपने गांव में कचरा प्रबंधन और इकोटूरिज़्म के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए यूट्यूब, इंस्टाग्रैम और एनिमेटेड फ़िल्मों का इस्तेमाल करता है।