बेज़वाड़ा विल्सन का चित्रण-दलित समुदाय
सफ़ाई कर्मचारियों द्वारा मैनुअल स्कैवेंजिंग की प्रथा के विरुद्ध ताउम्र संघर्ष करनेवाले बेज़वाड़ा विल्सन दलितों के नेतृत्व में ज़मीनी स्तर पर तैयार किए जाने वाले आंदोलन की बात करते हैं। वह चाहते हैं कि यह आंदोलन इस अमानवीय प्रथा का अंत करने में मददगार साबित हो और इस प्रथा के शिकार लोगों को इससे मुक्ति मिल सके।
घेरे में बैठे पुरुष और महिलाएं-जन-केंद्रित NGO

जन-केंद्रित संगठन बनने के नौ तरीके
आंतरिक प्रतिभा प्रबंधन, निरंतर सीखने और सुधार की एक प्रक्रिया है। यह लेख आपको एक जन-केंद्रित संगठनात्मक संस्कृति के निर्माण से जुड़े कुछ सुझाव देता है।
विभिन्न भारतीय समाचार पत्रों का क्लोजअप-आत्महत्या रोकथाम

आत्महत्या की घटनाओं के रोकथाम में मीडिया रिपोर्टिंग की ताक़त
इस तथ्य के बावजूद कि मीडिया आत्महत्या के मामलों की संख्या पर उल्लेखनीय असर डाल सकता है, भारत में इससे जुड़ी रिपोर्टिंग की गुणवत्ता बहुत निचले स्तर की है। ऐसे में स्थिति को बेहतर बनाने के लिए क्या बदले जाने की ज़रूरत है?
युवा महिलाओं को एक क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जा रहा है-ग्रामीण युवा

फ्रंटलाइन कार्यकर्ता भारत के ग्राम्य विकास को दुनिया के लिए एक उदाहरण बना सकते हैं
ग्रामीण युवा एक अनमोल संसाधन हैं जिन्हें जल और कृषि के क्षेत्रों में फ्रंटलाइन कार्यकर्ता के तौर पर शामिल करना गांवों के तेज विकास में मददगार हो सकता है।
नारेबाज़ी करती महिलाएं -महिला सशक्तिकरण

सामाजिक बदलाव के लिए ज़मीनी अनुभवों से सीखना
सुजाता खांडेकर कोरो की संस्थापक निदेशक हैं। आईडीआर से उनकी इस बातचीत में जानिए कि सामाजिक परिवर्तन की कोशिशों में जमीनी स्तर के ज्ञान और अनुभव को कैसे शामिल किया जा सकता है।
युवा लड़कों का समूह-महिला हिंसा

लड़कों और पुरुषों के साथ लैंगिक बराबरी पर काम करने के लिए एक गाइड
महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को ख़त्म करने के लिए, पुरुषों और लड़कों के साथ काम करने वाले लैंगिक कार्यक्रमों पर दो वर्ष लम्बा एक अध्ययन किया गया। इस अध्ययन से क्षेत्र में काम करने वालों को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं।
देवयानी श्रीनिवासन | 12 मिनट लंबा लेख

ज़मीनी कहानियाँ

लिंग

लिंग और हिंसा की धारणाओं में परिवर्तन से पुरुषों की मानसिकता को बदलना
Location Icon मुंबई शहर जिला, महाराष्ट्र

मेरा एक दिन


सौविक साहा क्वीर युवाओं के लिए एक कार्यक्रम आयोजित करते हुए-queer ट्रांसजेंडर जमशेदपुर
“युवाओं की आवाज़ सुनी जानी चाहिए”
जमशेदपुर के एक स्वयंसेवी संस्था के संस्थापक के बारे में पढ़िये जो ट्रांसजेंडर, क्वीर और हाशिए पर जी रहे युवाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं।
रीना सेठी कारख़ाने में एक पत्तल पकड़े हुई-पर्यावरण हितैषी
स्थाई उत्पाद एवं आजीविका निर्माण 
एक स्वयं सहायता समूह सदस्य और लीफ़ क्रशिंग मशीन ऑपरेटर बताती है कि कैसे उसकी पहली औपचारिक नौकरी से वह आत्मनिर्भर हुई और उसने अपने परिवार की आर्थिक मदद की।
अटिबेन खेत में काम करते हुए-भूमि अधिकार
क्या भूमि अधिकार महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित कर सकता है?
गुजरात में पैरालीगल कर्मचारी के जीवन का एक दिन जो महिलाओं के सम्पत्ति के अधिकार के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाती है। वह विधवाओं को ज़मीन का मालिकाना हक़ दिलवाने और ज़मीन के रिकॉर्ड पर उनका नाम दर्ज करवाने में उनकी मदद करती है।