मेरा एक दिन

पहली पंक्ति के कार्यकर्ताओं और पहले उत्तरदाताओं के रोज़मर्रा के जीवन की एक झलक—उनकी भूमिकाएँ, जिम्मेदारियाँ, चिंताएँ, आशाएँ और इच्छाएँ।

जून 22, 2022
क्या भूमि अधिकार महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित कर सकता है?
गुजरात में पैरालीगल कर्मचारी के जीवन का एक दिन जो महिलाओं के सम्पत्ति के अधिकार के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाती है। वह विधवाओं को ज़मीन का मालिकाना हक़ दिलवाने और ज़मीन के रिकॉर्ड पर उनका नाम दर्ज करवाने में उनकी मदद करती है।
अटिबेन वर्सत | 6 मिनट लंबा लेख
जून 1, 2022
ठीक होने की राह पर
नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लोगों की सहायता करने वाले एक सलाहकार के जीवन का दिन। इस लत को छोड़ने में वह युवाओं की मदद के लिए अपने अनुभवों का इस्तेमाल करते हैं।
नील जेटली | 7 मिनट लंबा लेख
मई 18, 2022
ओड़िशा की एक शिल्पकार ने गढ़ी अपनी ही कहानी
ओड़िशा की एक शिल्पकार जो अपनी कहानी बता रही है कि कैसे उसने महिला शिल्पकारों के साथ मिलकर अपनी एक विश्वसनीय पहचान बनाई और समुदाय विकसित किया।
निरुपमा जना | 5 मिनट लंबा लेख
मई 11, 2022
“दिन समय पर शुरू तो होता है लेकिन समय पर ख़त्म नहीं होता”
हॉस्पिटैलिटी कार्यकर्ता के जीवन का एक दिन जो कोविड-19 के दौरान एक रिसॉर्ट चलाती हैं और सहयोगियों की अपनी टीम को सम्भालने का काम करती हैं।
किसनी काले | 6 मिनट लंबा लेख
मई 11, 2022
एक फ़ार्मर प्रोड़्यूसर कम्पनी कैसे चलाते है?
एक आदिवासी महिला हाशिए पर जी रहे किसानों की आय में सुधार लाने के लिए उन्हें एकत्रित करने वाली एक किसान उत्पादक कम्पनी (फ़ार्मर प्रोड़्यूसर कम्पनी या एफ़पीसी) का प्रबंधन करती है जिनकी मालिक महिलाएँ हैं।
ललिथा तरम | 5 मिनट लंबा लेख
अप्रैल 27, 2022
हर एक सर्वे से बाधाओं को तोड़ना
कर्नाटक में काम करने वाली एक एन्यूमरेटर (गणनाकार) के जीवन का एक दिन जो कामकाजी महिला होने की चुनौतियों और डाटा संग्रह में अच्छे संचार के महत्व के बारे में बताती हैं।
शैला महलमानी | 4 मिनट लंबा लेख
अप्रैल 6, 2022
सरकारी अधिकारियों की ग़लतियों का ख़ामियाज़ा आम आदमी क्यों भुगते?
राजस्थान के एक सामाजिक कार्यकर्ता के जीवन में एक दिन जो समुदायों को उनके अधिकारों तक पहुँचने में मदद करता है और एक सार्वजनिक जवाबदेही कानून की वकालत करता है।
रतन लाल रेगर | 5 मिनट लंबा लेख
मार्च 24, 2022
“कश्मीर में एक पत्रकार होना आसान नहीं है”
कश्मीर की एक महिला पत्रकार ने कार्यस्थल की मुश्किलों के साथ-साथ अनुच्छेद 370 के हटने और कोविड-19 के कारण घाटी में पत्रकारिता पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में हमसे बात की।
बिस्मा भट्ट | 7 मिनट लंबा लेख
मार्च 2, 2022
कम समय, हजारों कहानियाँ: जमीन पर काम कर रहे एक पत्रकार की डायरी
उन्नाव के एक पत्रकार के जीवन का एक दिन जो यूपी चुनावों से लेकर दुर्घटनाओं और अपराधों के साथ-साथ स्थानीय न्यूज पर भी नजर रखता है।
जितेंद्र मिश्रा आज़ाद | 5 मिनट लंबा लेख
फ़रवरी 16, 2022
भुज की बहनों से मिलें 
पिछले दो दशकों से कच्छ के 200 गांवों में महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ रही एक अर्धन्यायिक (पैरालीगल) के जीवन में एक दिन।
खाताबेन समेजा | 7 मिनट लंबा लेख
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