मेरा एक दिन

पहली पंक्ति के कार्यकर्ताओं और पहले उत्तरदाताओं के रोज़मर्रा के जीवन की एक झलक—उनकी भूमिकाएँ, जिम्मेदारियाँ, चिंताएँ, आशाएँ और इच्छाएँ।

July 20, 2022
“युवाओं की आवाज़ सुनी जानी चाहिए”
जमशेदपुर के एक स्वयंसेवी संस्था के संस्थापक के बारे में पढ़िये जो ट्रांसजेंडर, क्वीर और हाशिए पर जी रहे युवाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं।
सौविक साहा | 5 मिनट लंबा लेख
June 29, 2022
स्थाई उत्पाद एवं आजीविका निर्माण 
एक स्वयं सहायता समूह सदस्य और लीफ़ क्रशिंग मशीन ऑपरेटर बताती है कि कैसे उसकी पहली औपचारिक नौकरी से वह आत्मनिर्भर हुई और उसने अपने परिवार की आर्थिक मदद की।
रीना सेठी | 7 मिनट लंबा लेख
June 22, 2022
क्या भूमि अधिकार महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित कर सकता है?
गुजरात में पैरालीगल कर्मचारी के जीवन का एक दिन जो महिलाओं के सम्पत्ति के अधिकार के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाती है। वह विधवाओं को ज़मीन का मालिकाना हक़ दिलवाने और ज़मीन के रिकॉर्ड पर उनका नाम दर्ज करवाने में उनकी मदद करती है।
अटिबेन वर्सत | 6 मिनट लंबा लेख
June 1, 2022
ठीक होने की राह पर
नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लोगों की सहायता करने वाले एक सलाहकार के जीवन का दिन। इस लत को छोड़ने में वह युवाओं की मदद के लिए अपने अनुभवों का इस्तेमाल करते हैं।
नील जेटली | 7 मिनट लंबा लेख
May 18, 2022
ओड़िशा की एक शिल्पकार ने गढ़ी अपनी ही कहानी
ओड़िशा की एक शिल्पकार जो अपनी कहानी बता रही है कि कैसे उसने महिला शिल्पकारों के साथ मिलकर अपनी एक विश्वसनीय पहचान बनाई और समुदाय विकसित किया।
निरुपमा जना | 5 मिनट लंबा लेख
May 11, 2022
“दिन समय पर शुरू तो होता है लेकिन समय पर ख़त्म नहीं होता”
हॉस्पिटैलिटी कार्यकर्ता के जीवन का एक दिन जो कोविड-19 के दौरान एक रिसॉर्ट चलाती हैं और सहयोगियों की अपनी टीम को सम्भालने का काम करती हैं।
किसनी काले | 6 मिनट लंबा लेख
May 11, 2022
एक फ़ार्मर प्रोड़्यूसर कम्पनी कैसे चलाते है?
एक आदिवासी महिला हाशिए पर जी रहे किसानों की आय में सुधार लाने के लिए उन्हें एकत्रित करने वाली एक किसान उत्पादक कम्पनी (फ़ार्मर प्रोड़्यूसर कम्पनी या एफ़पीसी) का प्रबंधन करती है जिनकी मालिक महिलाएँ हैं।
ललिथा तरम | 5 मिनट लंबा लेख
April 27, 2022
हर एक सर्वे से बाधाओं को तोड़ना
कर्नाटक में काम करने वाली एक एन्यूमरेटर (गणनाकार) के जीवन का एक दिन जो कामकाजी महिला होने की चुनौतियों और डाटा संग्रह में अच्छे संचार के महत्व के बारे में बताती हैं।
शैला महलमानी | 4 मिनट लंबा लेख
April 6, 2022
सरकारी अधिकारियों की ग़लतियों का ख़ामियाज़ा आम आदमी क्यों भुगते?
राजस्थान के एक सामाजिक कार्यकर्ता के जीवन में एक दिन जो समुदायों को उनके अधिकारों तक पहुँचने में मदद करता है और एक सार्वजनिक जवाबदेही कानून की वकालत करता है।
रतन लाल रेगर | 5 मिनट लंबा लेख
March 24, 2022
“कश्मीर में एक पत्रकार होना आसान नहीं है”
कश्मीर की एक महिला पत्रकार ने कार्यस्थल की मुश्किलों के साथ-साथ अनुच्छेद 370 के हटने और कोविड-19 के कारण घाटी में पत्रकारिता पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में हमसे बात की।
बिस्मा भट्ट | 7 मिनट लंबा लेख
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