पर्यावरण

May 9, 2024
घुमंतू जनजातियां शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित क्यों हैं?
सामाजिक कल्याण योजनाएं बनाते हुए अक्सर खानाबदोश और अधिसूचित जनजातियों के लिए सार्वजनिक सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता है जिसे बदले जाने की ज़रूरत है।
दीपा पवार | 6 मिनट लंबा लेख
May 2, 2024
भारत में हीट एक्शन प्लान कितने प्रभावी हैं?
जलवायु परिवर्तन से हीटवेव में हो रही बढ़ोत्तरी के लिए ज़रूरी है कि सरकार राष्ट्रीय स्तर की नीतियों में इससे निपटने के उपाय शामिल करे ताकि अर्थव्यवस्था और जनजीवन दोनों पर इससे पड़ने वाले असर को कम किया जा सके।
ज़ोया अदा हुसैन | 10 मिनट लंबा लेख
April 30, 2024
देश में प्राकृतिक संसाधनों के वास्तविक हक़दार कौन लोग हैं?
प्राकृतिक संसाधनों के खनन को लेकर वर्तमान रवैया, उस इलाक़े के लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालता है और साथ ही भावी पीढ़ियों को उनके हिस्से से वंचित करता है।
March 20, 2024
कोयला-निर्भर समुदायों को नौकरी से ज़्यादा ज़मीन की चिंता क्यों है?
छत्तीसगढ़ और झारखंड के कोयला-निर्भर क्षेत्रों में जस्ट ट्रांज़िशन की प्रक्रिया के मुख्य केंद्र में स्थानीय लोगों को जमीन वापस देने का विचार क्यों होना चाहिए।
February 20, 2024
कॉप बैठकों के बारे में ज़मीनी संस्थाओं को क्या जानना चाहिए और क्यों?
दुनियाभर के कुछ गैर-सरकारी संगठन कॉप आयोजनों का हिस्सा बनते हैं और जलवायु से जुड़े अलग-अलग तरह के सामुदायिक हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
चारू जोशी | 6 मिनट लंबा लेख
February 7, 2024
समुदाय अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए सत्याग्रह कैसे करें?
छत्तीसगढ़ में बीते 12 सालों से चल रहा कोयला सत्याग्रह कुछ सीखें देता है जिनकी मदद से पर्यावरण की रक्षा के लिए एक मज़बूत जन-आंदोलन खड़ा किया जा सकता है।
राजेश कुमार त्रिपाठी | 8 मिनट लंबा लेख
January 15, 2024
सरल-कोश: जलवायु परिवर्तन
विकास सेक्टर से जुड़े कठिन अंग्रेज़ी शब्दों को सरल हिंदी में समझें – जलवायु परिवर्तन।
January 8, 2024
नवीकरणीय ऊर्जा, हमेशा पर्यावरण के लिहाज से सुरक्षित कैसे बनी रह सकती है
भारत में स्वच्छ ऊर्जा सेक्टर तेज़ी से विकसित हो रहा है लेकिन क्या यह परिवर्तन लोगों और हमारे ग्रह के अनुकूल है जिसे हर कोई चाहता है?
December 14, 2023
कैसे मौसम की अनियमितता किसानों से उनकी खेती-बाड़ी छीन रही है
बीते कई सालों से वर्षा की अनियमितता की वजह से फसल-चक्र बिगड़ा है और किसानों को भारी नुक़सान उठाना पड़ा है। इसके चलते अब वे अपनी ज़मीनें निजी कंपनियों को देने पर मजबूर हो रहे हैं।
मिथिलेश धर दुबे | 12 मिनट लंबा लेख
December 5, 2023
फोटो निबंध: सार्वजनिक भूमि को बचाए रखने में पूरे गांव की भूमिका होती है
राजस्थान में मवेशियों के लिए चारे की कमी और सार्वजनिक ज़मीन पर अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहे थाना गांव ने समुदाय की मदद से इसका हल ढूंढ लिया है।
मीत ककाड़िया | 9 मिनट लंबा लेख
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