डॉ. राम पुनियानी | आईडीआर इंटरव्यूज
देश में धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के सवालों पर मुखर हस्तक्षेप करने वाले वरिष्ठ चिंतक डॉ. राम पुनियानी आईडीआर से बातचीत में भारत में सांप्रदायिकता, लोकतांत्रिक मूल्यों, बहुलतावाद और सामाजिक सद्भाव के सामने खड़ी चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा कर रहे हैं।2 मिनट लंबा लेख
आईडीआर खास
जमीनी कहानियां
अपनी जमीन बचाने के लिए लड़ता सहरिया समुदाय
3 मिनट लंबा लेखबहेड़ा, कालमेघ और कांगड़ा के एक गांव में भरोसे की शुरुआत
3 मिनट लंबा लेखजांस्कर घाटी का भेड़िया
2 मिनट लंबा लेखमेरे कॉलेज तक पहुंचने की कीमत सौ रुपये है
2 मिनट लंबा लेखचकमा समुदाय के सुपरफूड मेली-एमिली में छुपा विज्ञान
4 मिनट लंबा लेखसिग्नल की तलाश में धड़गांव के गांव
3 मिनट लंबा लेखशिलांग में बाल काउंसलरों के लिए सहयोग का सवाल
4 मिनट लंबा लेखशुष्क लद्दाख में घुमंतू महिलाओं पर स्वास्थ्य संकट
3 मिनट लंबा लेखअपने संकट, अपनी राह: मेघालय के एक गांव की कहानी
2 मिनट लंबा लेख- सभी लेख देखें
पर्यावरण
कॉमन्स और स्वशासन: समुदायों की भागीदारी क्यों जरूरी है
12 मिनट लंबा लेखजल-जंगल-जमीन से जुड़ी शब्दावली में क्या-क्या शामिल है?
10 मिनट लंबा लेखतीरे-तीरे नदिया: हर साल बाढ़ में डूबता भारत
6 मिनट लंबा लेख- सभी लेख देखें
आडियो-वीडियो
डॉ. राम पुनियानी | आईडीआर इंटरव्यूज
2 मिनट लंबा लेखसरल कोश: फाइनेंस कमीशन या वित्त आयोग
2 मिनट लंबा लेखझारखंड के पेसा नियम, मूल नियमों से कितने अलग हैं?
2 मिनट लंबा लेखहमारे स्कूलों से क्यों नदारद है सावित्रीबाई फुले की कहानी?
2 मिनट लंबा लेखकॉमन्स और स्वशासन: समुदायों की भागीदारी क्यों जरूरी है
12 मिनट लंबा लेखसरल कोशः इंडिजिनस सीड्स
2 मिनट लंबा लेखबुंदेलखंड में पानी और जाति के बीच दूरी बरकरार है
2 मिनट लंबा लेखसरल कोश: इंटरसेक्शनैलिटी
2 मिनट लंबा लेख- सभी लेख देखें
कैपेसिटी बिल्डिंग
अधिकार
अपनी जमीन बचाने के लिए लड़ता सहरिया समुदाय
3 मिनट लंबा लेखकॉमन्स और स्वशासन: समुदायों की भागीदारी क्यों जरूरी है
12 मिनट लंबा लेखसिग्नल की तलाश में धड़गांव के गांव
3 मिनट लंबा लेखबुंदेलखंड में पानी और जाति के बीच दूरी बरकरार है
2 मिनट लंबा लेखएक समावेशी स्कूल कैसा होना चाहिए?
9 मिनट लंबा लेखजल-जंगल-जमीन से जुड़ी शब्दावली में क्या-क्या शामिल है?
10 मिनट लंबा लेख- सभी लेख देखें
आजीविका
सरल कोशः इंडिजिनस सीड्स
2 मिनट लंबा लेख- सभी लेख देखें
हल्का-फुल्का
तुम करते क्या हो…हैं?
3 मिनट लंबा लेखफोर-लेन रिट्रीट की सिंगल-लेन रिएलिटी
3 मिनट लंबा लेखजिंगल बेल… जिंगल बेल… इज़ द फंडिंग वेल?
5 मिनट लंबा लेखजिला ‘इम्पैक्टपुर’ में इम्पैक्ट की आंधी, तूफान और बवंडर!
2 मिनट लंबा लेखवर्क-फ्रॉम-होम के लिए कोई वजह चाहिए क्या?
2 मिनट लंबा लेखवर्कशॉप – “आप आईये तो सही!”
3 मिनट लंबा लेखफील्ड विजिट तो होगी लेकिन हवा में नहीं, हिसाब में
4 मिनट लंबा लेखफंडिंग के पीछे की कहानीः हैलो, हैलो, नमस्ते…
4 मिनट लंबा लेख- सभी लेख देखें
कृषि
सरल कोशः इंडिजिनस सीड्स
2 मिनट लंबा लेखठहराव की जमीन तलाशता कुकी-ज़ो समुदाय
3 मिनट लंबा लेखक्या कृषि और जल संकटों का हल ग्राम स्वराज में मिल सकता है?
7 मिनट लंबा लेख- सभी लेख देखें
लैंगिक विषय
हमारे स्कूलों से क्यों नदारद है सावित्रीबाई फुले की कहानी?
2 मिनट लंबा लेख‘नारीवादी शिक्षा’ सुनकर आपके मन में क्या आता है?
2 मिनट लंबा लेखस्टूडियो और गांव के बीच: एक सामुदायिक आरजे का दिन
2 मिनट लंबा लेखग्रामीण राजस्थान में अपनी आजादी तलाशने के मायने
3 मिनट लंबा लेखसरल कोश: फेमिनिज़म
2 मिनट लंबा लेख- सभी लेख देखें












































































