वीबी-जी राम जी विधेयक पास हो गया, इसे मनरेगा के बदले लाया गया है। विपक्ष ने इसका विरोध किया है, वहीं सरकार ने कहा है कि इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया होंगे।
इंडिजिनस सीड्स (पारंपरिक बीज) किसानों द्वारा पीढ़ियों से संरक्षित बीज होते हैं। मौजूदा समय में विकास सेक्टर में इन्हें जलवायु सुरक्षा और सामाजिक बदलाव का आधार माना जाता है।
सहस्त्रधारा, उत्तराखंड में सक्रिय पर्यावरण सखियों का काम सिर्फ कचरा इकट्ठा करने और छांटने तक सीमित नहीं है बल्कि यह उनकी अपनी धरती-हवा-पानी को सुरक्षित और संरक्षित करने का भी प्रयास है।
लंबे समय तक एडवोकेसी और संघर्ष के बाद बने कानूनों से कई राज्यों में गिग और प्लेटफार्म कामगारों को सामाजिक सुरक्षा का आश्वासन तो मिला है लेकिन इतना भर होना काफी नहीं है।
गया के पासी समुदाय की आजीविका पीढ़ियों से ताड़ी से जुड़ी रही है। लेकिन शराबबंदी, घटते पेड़ और रोजगार की कमी से पलायन बढ़ा है, जिसका असर महिलाओं और बच्चों पर भी दिख रहा है।