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June 14, 2024
रिपोर्ट लिखने के दौरान आने वाली कठिनाइयां
पंचायत सीरीज के नज़रिए से जानिए कि ज़मीनी कार्यकर्ताओं को किस तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जब रिपोर्ट लिखने की बात आती है।
June 13, 2024
भारतीय संविधान के बनने की शुरुआत कैसे हुई?
नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया के इस पॉडकास्ट में सुनें भारतीय संविधान सभा के बनने, उसके सदस्यों के चुने जाने और उस दौर की परिस्थितियों के बारे में।
June 10, 2024
थारू आदिवासी: जहां प्रतिरोध एक परंपरा है
लखीमपुर खीरी के थारू आदिवासी, दुधवा नेशनल पार्क की स्थापना के समय से ही वन विभाग के साथ संघर्ष कर रहे हैं और अब उनकी दूसरी-तीसरी पीढ़ी इसे आगे बढ़ा रही है।
June 7, 2024
एक बार जब… स्कूल में एक अफ़वाह उड़ी
और, उस अफ़वाह को सुनकर स्कूल में जो हुआ, वो बहुत मज़ेदार था।
उदय शंकर | 3 मिनट लंबा लेख
June 5, 2024
आदिवासी महिलाओं के साथ काम करने वाली संस्थाएं, इन पांच आंकड़ों पर ध्यान दें 
प्रदान द्वारा जारी आदिवासी आजीविका रिपोर्ट के महिलाओं से जुड़े कुछ आंकड़े जो शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्णय क्षमता जैसे विषयों पर उनकी स्थिति का पता देते हैं।
June 4, 2024
आर्थिक विकास के साथ ग्रामीण मज़दूरों की आय क्यों नहीं बढ़ रही है?
अर्थशास्त्री आश्चर्य जताने लगे हैं कि भारत के अलावा दुनिया में कोई और देश नहीं जहां आर्थिक विकास होने के बावजूद दस सालों से ग्रामीण मज़दूरी ठहरी हुई हो।
रोहित इनानी | 13 मिनट लंबा लेख
May 31, 2024
यह आपकी अंतरात्मा की आवाज़ है… शायद?
आमतौर पर विकास सेक्टर में काम करने वाले विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक बने रहते हैं, लेकिन ऐसे में उनकी अंतरात्मा क्या कहती है, यहां जानिए।
May 30, 2024
फील्ड सर्वेक्षण को बेहतर करने के कुछ तरीके | भाग-एक
फील्ड सर्वेक्षण से जुड़े कुछ ऐसे तरीके जो न केवल आपको फील्ड में मदद करेंगे बल्कि ये आपके सर्वे की गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।
गुरमीत सिंह | 2 मिनट लंबा लेख
May 29, 2024
ज़मीनी ज्ञान क्या है और इसका संरक्षण क्यों ज़रूरी है?
ज़मीनी ज्ञान जहां समुदाय को आजीविका और विकास के स्थायी साधन देता है, वहीं अकादमिक ज्ञान से जोड़े जाने पर पर्यावरण और तकनीक से जुड़ी कई बड़ी समस्याओं के हल भी दे सकता है।
May 28, 2024
क्या केवल प्रमाण पत्र देकर जंगलों को बचाया जा सकता है?
भारत में वन एवं लकड़ी प्रमाणपत्र योजना बहुत ही महंगी है और इससे वनोपज का उचित उत्पादन या बेहतर वन प्रबंधन भी सुनिश्चित नहीं होता है।
धनपाल गोविंदराजुलु | 9 मिनट लंबा लेख
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