श्रमिक, यूनियन और नागरिक संगठन बता रहे हैं कि सीमित बजट, कम मज़दूरी और भ्रष्टाचार के बाद भी मनरेगा स्थानीय विकास और महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका कैसे निभाता है।
भारत के कार्यबल की उम्र बढ़ने के साथ अनौपचारिक क्षेत्र की नीतियों में सुधार की जरूरत भी बढ़ रही है। बुज़ुर्ग श्रमिकों को बेरोजगारी से बचाने के लिए वित्तीय सुरक्षा उपाय अपनाए जाने चाहिए।
एक अध्ययन के मुताबिक़ मनरेगा ने कोविड-19 के दौरान गांवों में रोज़गार की स्थिति को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है लेकिन इसका बजट और जवाबदेही बढ़ाने की ज़रूरत है।