पश्चिम बंगाल
सुंदरबन में समुदाय द्वारा शिक्षा के लिए की गई एक सुंदर पहल
सुंदरबन के एक गांव में शुरू हुआ एक निशुल्क शिक्षा और देखभाल केंद्र जिसे समुदाय ने श्रमिक वर्ग के बच्चों के लिए शुरू किया है।पानी से जुड़े साझा प्रयासों की दिशा कैसे तय की जा सकती है?
अलग-अलग योग्यता वाले कई हितधारकों का सहयोग कार्यक्रमों को लंबे समय तक प्रभावी बनाएं रखने के लिए जरूरी है। जैसे एचयूएफ ने एक तरह का सहयोगात्मक संघ बनाया है। इसमें भागीदार के तौर पर अंतर्राष्ट्रीय परियोजना ट्रस्ट केंद्र (सीआईपीटी) पंजाब, किसान सहकारी समितियां, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के अकादमिक विशेषज्ञ और सरकार सभी शामिल हैं।मनरेगा में रोजगार बंद होने से पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों पर क्या असर पड़ा है?
मनरेगा योजना के बंद होने से न केवल ग्रामीण स्तर पर लोगों का रोजगार जा रहा है बल्कि उन्हें पलायन के लिए भी मजबूर होना पड़ रहा है।मुख्यधारा के मीडिया से भारत के आदिवासी समुदाय गायब हैं
शिखा मंडी संथाली भाषा में काम करने वाली भारत की पहली रेडियो जॉकी हैं और यहां वे जनजातीय समुदायों के मीडिया प्रतिनिधित्व और उसके असर पर बात कर रही हैं।फ़ोटो निबंध: पश्चिम बंगाल के मछुआरे खेती को अपना नया पेशा क्यों बना रहे हैं?
जलवायु परिवर्तन और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के कारण पश्चिम बंगाल के तटीय इलाक़ों में बसे मछुआरा समुदायों को आजीविका संकट झेलना पड़ रहा है।एक युवा क्रिकेटर जो अपने समुदाय को लैंगिक समानता पर पुनिर्विचार करने में मदद करती है
17 वर्षीय एक लड़की के जीवन का एक दिन जो समाज में लिंग समानता पर काम करने को लेकर उतनी ही जुनूनी है जितना कि क्रिकेट खेलने को लेकर।