August 8, 2025

नहीं सहेंगी, नहीं सहेंगी…सेक्टर की बिल्लियां नहीं सहेंगी​

वर्ल्ड कैट डे पर पढ़िए थकान और बर्नआउट झेलती, चिढ़चिढ़ी और ट्रीट को तरसती सोशल सेक्टर बिल्लियों की पर्सनल म्याऊं डायरी।
6 मिनट लंबा लेख

हम बिल्लियां हैं, इंसान नहीं। मूड हो तो काम करते हैं, वरना पंजा मारते हैं। नौकरी हम नहीं करते हैं​​…​​लोगों को मौका देते हैं कि ​​​वो​​​​​​​​​​​ हमसे काम करवा पाते हैं ​​​या नहीं​​​​​​​​​​​। लेकिन क्या करें… इंसानों की बनाई इस पूंजीवादी दुनिया में अब हमें भी काम करना पड़ता है। तो वर्ल्ड कैट डे पर पढ़िए ​​​थकान और​​​​​​​​​​​ बर्नआउट ​​​झेलती​​​​​​​​​​​, चिड़चिड़ी और ट्रीट को तरसती सोशल सेक्टर बिल्लियों की पर्सनल म्याऊं डायरी।​

1. टीम मेंबर: नारंगी बिल्ले ने क्या जबरदस्त पीपीटी बनाई है, सच में मेहनत देख के दिल खुश हो गया!

​​(बाकी टीम: +1 की बारिश)​

फेसबुक बैनर_आईडीआर हिन्दी

​​मैं:

2. मैनेजर: जो ठीक लगे, वैसा कर लो… आई ट्रस्ट यू। बस मेरे सुझाए हुए 14 पॉइंट से बाहर मत जाना।​

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3. ​​डोनर: आपका काम बहुत इंस्पायरिंग है… लेकिन इस साल बजट नहीं है।​

​​मैं:

4. ​​मैनेजर (बड़े आराम से): ​​​आज ही आज में​​​​​​​​​​​ रिपोर्ट, बजट, सोशल मीडिया पोस्ट और कैप्शन भेज देना, ओके?​

​​मैं:

5. ​​टीम लीड: हम सबको थोड़ा एक्स्ट्रा ​​​करना​​​​​​​​​​​ पड़ेगा इस बार… टीम के लिए।​

​​मैं:

6. ​​टीम रिट्रीट में​​​​: हमें सेल्फ केयर ​​​पर​​​​​​​​​​​ भी ध्यान देना चाहिए​​।​

​​मैं: 

7. ​​फाउंडर: कल तक अगले क्वार्टर की स्ट्रेटेजी और स्मार्ट टारगेट तैयार चाहिए। डोनर को यह डॉक्यूमेंट ​​​​तुरंत भेजना​​ ​है​​​।​

​​मैं:  

लेखक के बारे में
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सलोनी सिसोदिया

सलोनी सिसोदिया आईडीआर में मल्टीमीडिया एनालिस्ट हैं। इससे पहले उन्होंने फेमिनिज़म इन इंडिया के साथ सीनियर डिजिटल एडिटर के रूप में भी काम किया है तथा जेंडर, कल्चर, समाज और सिनेमा जैसे विषयों पर मुख्य तौर पर अनुभव रखती हैं। सलोनी ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अपनी पढ़ाई की है। वह फोटो निबंध, फोटोग्राफी और ट्रेवल करने में ख़ास रूचि रखती हैं।

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सलमान फहीम

सलमान फहीम, आईडीआर के सभी डिजिटल कैंपेन व कंटेंट प्लानिंग तथा उसके प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले सलमान द लॉजीकल इंडियन हिंदी के को-फाउंडर रह चुके हैं और उन्होंने न्यूज18 के लिये सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर के तौर पर भी काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने चेंज डॉट ऑर्ग में हिंदी ऑपरेशन्स को लीड करते हुए प्लेटफॉर्म की यूज़र संख्या को 10 हज़ार से बढ़ाकर 10 लाख तक पहुंचाया है।

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