महिला सशक्तिकरण
सुई और धागे से अवसर बुनने का सामाजिक उद्यम
क्या कारीगरों का हित और कारोबार, दोनों साथ चल सकते हैं? लखनऊ की चिकनकारी से निकला एक सामाजिक उद्यम बता रहा है कि स्थानीय स्तर पर रोज़गार की दिशा कैसे बदली जा सकती है।एक लड़की, जिसने हर हाल में शिक्षा को चुना
कर्नाटक के रायचूर की एक युवा फील्ड कोऑर्डिनेटर के जीवन का एक दिन। उसकी उस यात्रा के साथ, जहां वह कभी स्कूल छोड़ने की कगार पर थी, लेकिन आज अपने साथ-साथ अपने परिवार और समुदाय का सहारा बन चुकी है।संवाद से संरक्षण तक: एक महिला वन रक्षक का सहभागी अनुभव
उदयपुर, राजस्थान की एक महिला फॉरेस्ट गार्ड वन संरक्षण और ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही हैं, उनके संघर्ष और अनुभवों के बारे में यहां पढ़िए।साझेदारी से सफलता बुनती महिला उद्यमियों की कहानी
आशा और सना का उमंग से जुड़ने का सफर अलग-अलग था, लेकिन दोनों में एक बात समान थी - काम के प्रति उनका जुनून और मेहनत का जज्बा।ये सब तो कहना ही पड़ता है: ‘महिला दिवस’ विशेषांक
महिलाओं की स्थिति वास्तव में बदले या ना बदले, लेकिन भाषणों की बड़ी-बड़ी बातें कभी नहीं बदलेंगी। सार्वजनिक मंचों पर उन बातों को दोहराना जरूरी है, जिनसे लगे कि सब ठीक चल रहा है।सरल कोश: फेमिनिज़म
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश: विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या - फेमिनिज़म।सुनना, समझना, सहारा देना: मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता होने के मायने
उत्तराखंड के देहरादून में स्थित एक सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता की दिनचर्या, जो लोगों के साथ भरोसेमंद रिश्ता बनाकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाती हैं।मराठवाड़ा का अपनी तरह का एक अनोखा एकल महिला संगठन
द थर्ड आई के इस पॉडकास्ट में सुनें मराठवाड़ा, महाराष्ट्र में बने एकल महिलाओं के अनोखे संगठन के बारे में। और, जानें यह कैसे बना और कैसे लोगों की जिंदगी बदल रहा है।