शहरी
कक्षाओं से निकलकर पर्यावरण शिक्षा हासिल करते तमिलनाडु के बच्चे
ग्रामीण और शहरी बच्चे पर्यावरण को अलग-अलग नज़रिए से देखते और समझते हैं और उनकी जानकारी के स्तर में भी जमीन-आसमान का फर्क दिखता है।शहर और गांव की पहचान क्या है और इसे कैसे तय किया जाना चाहिए?
शहरी अध्ययन पर शोध और विमर्श रखने वाले अकादमिक व्यक्तित्व, गौतम भान से द थर्ड आई की बातचीत के कुछ अंश।