किसान
कश्मीर घाटी से क्यों गुम हो रहे हैं पारंपरिक धान के खेत और उनकी खुशबू?
परंपरागत रूप से चावल की खेती करने वाले किसान, सेब की बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं। खेती की जमीनों पर बनते रिहाइशी और गैर-रिहाइशी इलाके भी धान के रकबे को घटा रहे हैं।क्या भारत के कपास किसानों को जैविक खेती का जोखिम उठाना चाहिए?
जैविक कपास की बढ़ती मांग के बावजूद किसानों को इसकी खेती में कई जोखिम उठाने पड़ते हैं। क्या अनुकूल नीतियां और सरकारी सहयोग इस तस्वीर को बदल सकते हैं?सरल कोशः इंडिजिनस सीड्स
इंडिजिनस सीड्स (पारंपरिक बीज) किसानों द्वारा पीढ़ियों से संरक्षित बीज होते हैं। मौजूदा समय में विकास सेक्टर में इन्हें जलवायु सुरक्षा और सामाजिक बदलाव का आधार माना जाता है।छोटे समूह, बड़ी संभावनाएं: सीमांत किसानों की नयी दिशा
सामूहिक खेती से किसान कम जमीन मिलाकर खेती कर सकते हैं, उपज बढ़ा सकते हैं और गुजर-बसर की खेती से आगे बढ़ सकते हैं।कहीं धूप, कहीं छांव!
बेमौसम बारिश का जहां युवा आनंद ले रहे हैं, वहीं फसलों को नुकसान हो रहा है, युवाओं के लिए यह मौसम कुछ अलग ही कहानी बयां कर रहा है।फोटो निबंध: मिलेट क्रांति की राह में क्या बाधाएं हैं?
मज़बूत लग रही सरकारी नीतियों के बावजूद, किसानों के पास मोटे अनाजों को उगाने, प्रोसेसिंग करने और उन्हें संग्रहित करने के लिए ज़रूरी सुविधाएं और समर्थन नहीं हैं।