विकास सेक्टर में काम करने वाले कभी अपने काम के बारे में एक शब्द या एक लाइन में नहीं बता पाते हैं। लंबा और विस्तार से समझाने के बाद भी आसपास ऐसी ही लोग ज़्यादा दिखते हैं जिनको यह पता नहीं चलता कि वे करते क्या हैं। ऐसी ही कुछ दुविधाओं का ज़िक्र नीचे हैं, उम्मीद है कि इन उदाहरणों में से बहुत कम आपके हिस्से आए हों। (लेकिन ऐसा होगा नहीं, ये आपको भी पता है, है न!)
1. जो फंडर को आसान लगता है, वो हमको बहुत ज़ोर से लगता है… आह!
सोच

सच

2. सरकार को हम जो दिखाना चाहते हैं, वह उसके अलावा सबकुछ देखती है…क्यों? क्यों? क्यों?
सोच

सच

3. दोस्त ने बस ये पूछा था कि मैं करता क्या हूं… और मैं –
सोच

सच

4. आपके आसपास, मुहल्ले-पड़ोसियों और समाज वालों की नज़र में
सोच

सच

5. जब मैनेजर काम बताए तब –
सोच

सच

6. ‘आख़िर तुम करते क्या हो?’ का सही जवाब –
सोच

सच

गोपनीयता बनाए रखने के लिए आपके ईमेल का पता सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *