आप अप्रैल फूल बन चुके हैं!!!
अप्रैल फूल प्रैंक के जरिए सोशल सेक्टर के रिश्तों, भरोसे और साझेदारियों की जटिलता को समझने की एक हल्की-फुल्की, लेकिन जरूरी कोशिश।

!!! आप अप्रैल फूल बन चुके हैं !!!
लेकिन CollabKaro भले ही सच न हो,
पर बात एकदम असली है।
सच ये है कि सोशल सेक्टर को
रेटिंग्स और रैंकिंग्स में फिट करना इतना आसान नहीं है।
संस्थाओं और फंडर्स के रिश्ते
एक्सेल शीट से नहीं,
भरोसे, समझ और साथ काम करने की नीयत से बनते हैं।
यह काम जितना पेचीदा है,
उतनी ही पेचीदा हैं इसकी साझेदारियां।
तो इस अप्रैल फूल दिवस पर
बस इतना याद रखिए-
हर रिश्ता ‘5 स्टार’ या ‘1 स्टार’ से बड़ा और गहरा होता है। उसे समझने के लिए चाहिए
थोड़ी समझदारी, थोड़ी संवेदनशीलता…
और थोड़ा दिल
।। धन्यवाद ।।
लेखक के बारे में
- इंडिया डेवलपमेंट रिव्यू (आईडीआर) डेवलपमेंट कम्यूनिटी में काम कर रहे नेतृत्वकर्ताओं के लिए बना भारत का पहला स्वतंत्र मीडिया प्लैटफ़ॉर्म है। हमारा लक्ष्य भारत में सामाजिक प्रभाव से जुड़े ज्ञान का विस्तार करना है। हम वास्तविक दुनिया की घटनाओं से हासिल विचारों, दृष्टिकोणों, विश्लेषणों और अनुभवों को प्रकाशित करते हैं।